Best Yoga for thyroid disorder

थयरॉइड के लिए कौनसे बेस्ट योगा करे-

आप सभी जानते होंगे की योगा हमारे मानसिक व शारीरिक स्वास्थ तथा जीवनशैली को सुगम और सुचारु एवं संतुलित बनाता है| योग के द्वारा मनुष्य वो सबकुछ प्राप्त कर सकता है जिसे हम आध्यात्म कहते है|
योग न केवल अपने मन व शरीर को संतुलित करने की प्रक्रिया है बल्कि; निरंतर योगा अभ्यास से हमारे शरीर की कई तरह की समस्याओ का समाधान भी होता है, जैसे कि बालो का झड़ना, कोलेस्ट्रॉल (रक्तवसा), मासपेशियो में दर्द, तनाव से मुक्ति, कब्ज, वजन का संतुलन, हार्मोन्स का सही स्तर में होना, थकावट वगैरह| अब इन सभी रोज़मर्रा कि समस्याओ के बहुत से अलग अलग कारण होते है, जिनमे से एक है थयरॉइड|
क्लिक करे जानने के लिए – क्या है ये थयरॉइड?

योगा और थयरॉइड विकार (Yoga and Thyroid disorder) –

Thyroid (थयरॉइड) हमारे गले के अगले हिस्से में स्थित एक ग्रंथि (gland) होती है जो एक तितली नुमा आकर की होती है|थयरॉइड हार्मोन्स दो तरह के होते है|

(i) T3- Traiiodothyronine (ट्राईआयोडोथायरोनिन) (ii) T4- Throxine (थायरोक्सिन) : इन्ही दोनों हॉर्मोन्स के स्तर (लेवल) में असंतुलन होने से थयरॉइड विकार उत्पन होता है| अतः इन हॉर्मोन्स का संतुलन होना बहुत ही महत्वपूर्ण है| यदि इनमे से कोई भी हार्मोन का स्तर बहुत अधिक या बहुत कम होने लगता है तो फलस्वरूप Hyperthyroidism (हाइपरथायरायडिज्म / अतिगलग्रंथिता ) या Hypothyroidism (हाइपोथायरायडिज्म /अवटु-अल्पक्रियता) थयरॉइड हो सकता है| हालांकि डॉक्टर या चिक्तश्क इन हार्मोन्स को सन्तुलिन रखने के लिए औषधि देते है परन्तु हमारी आजकल की जीवनशैली इस बीमारी का पूर्ण ईलाज कर पाने में असमर्थ कर देती है ऐसे में योगा अभ्यास इस थयरॉइड के ईलाज में पूरक सिद्ध हुआ है| जून 2016 में नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन (NCBI) द्वारा किये गए अध्यन में ये पता चला है कि निरंतर 6 माह तक किये गए योगा अभ्यास से थयरॉइड व कोलेस्ट्रॉल में सुधार देखे गए है|

थयरॉइड में कौनसे योगा आसन करे –

थयरॉइड में योगा के आसन जान लेने से पहले यह बहुत जरुरी है कि आपको योग के बेसिक यानिकि आपको थोड़ा बहुत बुनियादी ज्ञान होना चाहिए या इन आसनो को करने से पहले किसी योग निरक्षक से निरिक्षण लेना चाहिए| चूँकि थयरॉइड दो प्रकार के है इसलिए योगा के आसन भी दोनों के लिए भिन्न होते है|

Hypothyroidism (हाइपरथायरायडिज्म) में किये जाने वाले मुख्य आसन

  • सर्वांगासन
  • बीतिलासन मार्जरीआसन
  • हलासन
  • भुजंगासन
  • मतस्य आसन
  • सेतुबंध आसन

सर्वांगासन- जैसा की नाम से ही पता चलता है, सर्वांगासन अर्थात सभी अंगो का आसन, यह एक ऐसा आसन है जिसमे आपके शरीर के लगभग सभी अंग योग में होते है| इस आसन में आप अपने पूरे शरीर को अपने कंधो व् हाथों की सहायता से ऊपर की तरफ उठाते है जिससे खून का प्रवाह सिर की तरफ को होता है, ये आसन ब्लड प्रेशर जिनका कम रहता है उनके लिए भी अच्छा होता है|सर्वांगासन मष्तिस्क को खून पोहचाने में मदद करता है, इस आसान से थयरॉइड ग्लैंड पर दवाब आता है जिससे हार्मोन्स बैलेंस होने में हेल्प मिलती है|

सर्वांगासन करने का तरीका

  • सर्वांगासन करने के लिए सबसे पहले आप योगा मैट पे पीठ के बल लेट जाए| जैसे की शवासन में लेटते है|
  • अब अपने पैरो को जोड़े और हाथो को मैट पे अपने शरीर के बगल में रखे और गहरी सास लेते हुए अब धीरे धीरे अपने पैरो को एक साथ ऊपर की ओर लेकर के जाए|
  • अपने हाथो की सहायता से अपनी कमर को ऊपर की तरफ सीधा होने में सहयोग दे
  • कोशिश करे जितना ज्यादा आप अपनी टांगो को सीधा रख सकते है|
  • लगभग 10 सेकंड तक रुकने का प्रयास करे, और सास छोड़ते हुए वापिस अपने पैरो को घुटनो के पास लाते हुए नीचे की तरफ ले जाए वापिस शवासन में, ध्यान रखे वापिस आते समय झटके से ना आये|
SarvangAsan (सर्वांगासन)

चेतावनी – गर्भवती महिलाये इस आसान को ना करे|

बीतिलासन मार्जरीआसन (Bitilasana Marjaryasana)- यह आसान काऊ और कैट पोज़ (Cow and Cat Pose) के नाम से भी जाना जाता है| यह आसन थयरॉइड ग्रंथि को लाभान्वित करता है, इस आसन में आप अपनी ठोढी को अपनी छाती की तरफ खींचते है और फिर गर्दन को बहार की तरफ खींचते है जिससे थयरॉइड ग्लैड सक्रिय होती है|

बीतिलासन मार्जरीआसन करने का तरीका-

  • अपने हाथों के और घुटनो के बल नीचे झुके, आपके घुटने और हथेली समानांतर हो और आपके कंधे आपके कूल्हों के समान्तर हो और आपकी पीठ सीधी एक लाइन में हो|
  • अब सांस लेते हुए अपने गर्दन को बहार की तरफ खींचे और अपनी रीढ़ की हड्डी को अंदर की तरफ झुकाये लगभग २ से ३ सेकंड रुके
  • अब सांस छोड़ते हुए गर्दन को अंदर की तरफ ले जाते हुए अपनी ठोड़ी को छाती से लगाए और रीढ़ की हड्डी को बाहर की तरफ उठाये
  • अपनी शरीर से तालमेल के अनुसार इस प्रकिर्या को ५-६ बार दोहराये
  • इस आसान को विराम देते हुए वजरासन में आ जाये
बीतिलासन मार्जरीआसन (Bitilasana Marjaryasana)

चेतावनी – गर्भवती महिलाये इस आसान को ना करे|

हलासन (Plough posture)- ये आसन न केवल थयरॉइड ग्लैंड को सक्रिय करता है बल्कि मासपेशियो व कमर के लिए भी फायदेमंद होता है| रीढ़ की हड्डी (मेरुदंड) का लचीलापन बढ़ाता है

हलासन करने का तरीका –

  • सबसे पहले आप योगा मैट पे पीठ के बल लेट जाए| जैसे की शवासन में लेटते है|
  • अब सांस लेते हुए धीरे धीरे अपने पैरो को उठाये आपके दोनों पैर एक साथ जुड़े हो तथा इन्हे पहले 30 डिग्री के कोण पे फिर, 60 के कोण पे उसके बाद 90 डिग्री के कोण पे ले जाए|
  • अब सांस छोड़ते हुए पैरो को सिर के पीछे की तरफ ले जाए जितना ले जा सकते है, कोशिश करे की आपके पैर जमीन को छू सके, इस समय सांस सामान्य रूप से लेते रहे| चाहे तो पीठ को हाथों से ऊपर की तरफ उठा सकते है|
  • इस आसान को लगभग 15 से 20 सेकंड तक रोकने की कोशिश करे|
  • अब जिस तरफ पैरो को लेकर गए थे उसी क्रम में पहले 90, फिर 60 और फिर 30 डिग्री का कोण बनाते हुए धीरे धीरे शवासन में वापिस आये|
हलासन (Plough posture)

चेतावनी – गर्भवती महिलाये इस आसान को ना करे|

भुजंगासन- (कोबरा पोज़)– भुजंगासन भी गर्दन में खिचाव करता है जिससे थयरॉइड ग्लैड सक्रिय होती है और कमर दर्द में राहत देता है|

भुजंगासन करने का तरीका

  • इस आसान में आप पेट के बल मैट पे लेट जाए और अपने हाथों को कंधो के बगल में पंजो को नीचे रखेंगे|
  • अब अपनी नाभि के बल छाती को ऊपर की तरह उठाना है कोहनियो को अंदर की और रखते हुए गर्दन को ऊपर की तरफ रखना है |
  • सांस लेते हुए कमर से ऊपर के हिस्से को साँप के फन की भांति ऊपर उठाये और गर्दन को ऊपर की तरफ खींचे और सामने दृष्टि केंद्रित करे 10 से 15 सेकंड के लिए इसी अवस्था में रहते हुए सांस लेते रहे |
  • अब सांस छोड़ते हुए नीचे वापिस आये और अपने हाथों को सामने की तरफ रख के सामान्य अवस्था में आ जाये |
भुजंगासन- (कोबरा पोज़)

चेतावनी – गर्भवती महिलाये इस आसान को ना करे|

मतस्य आसन (Fish Pose)– यह फिश पोज़ कहलाता है जो की संस्कृत शब्द ‘मत्स्य’ से बना है,जिसका अर्थ मछली होता है| इस आसान से हमारे शरीर में खून का संचार बढ़ता है इस आसान को करने से थयरॉइड को नियंत्रित करने में लाभ होता है| इसके अलवा ये हमारी रीढ़ व कमर के लिए बहोत ही लाभदायक आसन है |

मतस्य आसन करने का तरीका

  • योग मैट पे पीठ के बल आराम से लेट जाए और अपने हाथों को अपने कूल्हों के नीचे इस तरह से रखे की आपकी हथेली जमीन की तरफ हो और आपके दोनों हाथ कूल्हों के नीचे आ जाए अगर आपको ज्यादा खिचाव लगता है और हाथ नहीं पुहच पाते तो आप हाथों को बिलकुल पास भी रख सकते है|
  • अब गहरी सांस लेते हुए अपने पैरो की तरह देखते हुए ऊपर की ओर उठे ऐसा आपको कोहनियो की सहायता लेते हुए करना है|
  • जैसे ही आप कोहनियो की सहायता से ऊपर की तरफ उठते है वैसे ही आपको अपने सिर की तालु (मध्य भाग) को नीचे की ओर जमीन पे ले जाना है और अपना ध्यान सिर की पिछली साइड केंद्रित करना है|
  • ये आसन 10-15 सेकंड तक सास लेते हुए करना है, ध्यान रखे ये आसान बहुत ही धीरे और आराम से करना है जिससे की गर्दन में कोई झटका ना महसूस हो|
  • अब धीरे से सिर को सीधा रखे और दोनों हाथों को नीचे से बहार हटाए और शरीर को हल्का छोड़ते हुए शवासन में आ जाये और कुछ क्षण आराम करे|
मतस्य आसन (Fish Pose)

सेतुबंध आसन (Bridge Pose)– सेतु बंद का अर्थ है पुल् बनना इस आसन से आप पुलनुमा आकार बनाते है इसलिए इसे सेतुबंध कहा जाता है| ये आसन भी मस्तिष्क को तनावमुक्त शांत रखने के साथ थयरॉइड ग्लैंड को सही तरह से काम करने में सहायक होता है| इस आसन से पेट से जुडी समस्या जैसे कब्ज़,अपचन सही रहता है और पीठ की मासपेशिया मजबूत होती है|

सेतुबंध आसन (Bridge Pose) करने का तरीका

  • इसको करने के लिए मैट पर सीधा लेटे और अपने पैरो को अंदर की तरह मोड़े कूल्हों की तरफ लाये आपके पैर समान्तर हो, और घुटने बहार की तरफ ना निकले हो |
  • अब आप अपने दोनों हाथो को प्रयोग करते हुए अपने टक्नो (एंकल) को पकड़ते हुए गहरी सास ले एवं ऊपर की तरफ इस तरह उठे जैसे पुल्ल का आकर होता है |
  • आपका सिर और हाथ जमीं पर ही होने चाहिए साथ ही आपके घुटने व पैर एक सीध में, इस दौरान सामान्य रूप से सांस लेते रहे |
  • अब धीरे से दोनों हाथों को नीचे से बहार हटाए और शरीर को हल्का छोड़ते हुए शवासन में आ जाये और कुछ क्षण आराम करे |
सेतुबंध आसन (Bridge Pose)

इन सभी आसनो का निरंतर प्रयास ना केवल सिर्फ थयरॉइड को काबू रखता है बल्कि आपके मानसिक सवस्थ और आपके शरीर की अन्य कई समस्याओं में भी लाभप्रद है| योग और किन रोगो से मुक्ति दिलाता है? उसके लिए आप ये पुस्तक अमेज़न से आर्डर करके मंगवा सकते है|

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