नकारात्मक सोच से सकारात्मक सोच तक का सफर

हेलो फ्रेंडस ,
आपका आज का दिन अब तक कैसा बीता?
मैं उम्मीद करती हूँ अच्छा व्यतीत हुआ होगा. आप में से 7०% लोग कहेंगे की अच्छा नहीं बीता.
पर क्या आप जानते है? आप का दिन कैसा व्यतीत हो ये आपके ऊपर भी उतना ही निर्भरत करता है जितना की हमारे आसपास के माहौल या वातावरण से हमे प्रभावित लगता है. अक्सर देखा गया है, या ये कहु की मैंने भी कई बार इस तरह से महसूस किया है की हमारे अच्छे दिन कम होते है और परेशानियों से या तनाव से ग्रस्त दिन जयादा होते है. आप ने भी ये महसूस किया होगा !

पर क्या हम इसका उल्टा अपनी ज़िंदगी को कर सकते है? क्या हम अधिक से अधिक खुशियों वाला जीवन जी सकते है?
तो मेरा जवाब होगा, जी हाँ बिलकुल जी सकते है. तो अब सवाल आता है ये कैसे मुमकिन है?
इसके लिए, मै आपके समक्ष कुछ ऐसी जानकारियाँ, आपको स्मरण करना चाहती हूँ जो कि आप में से अधिकतर लोगो को ज्ञात तो है, पर शायद उसका उपयोग आप सही तरह से नहीं कर पा रहे है सफल जीवन जीने में!

आप सभी ये तो मानते ही होंगे कि कोई ना कोई शक्ति या ऊर्जा या कहे ईश्वर या खुदा है जिसकी वजह से ही हम इंसान और ये सृष्टि चलन हो रहा है.
आगे बढ़ने से पहले मै अपना एक सवाल रखना चाहती हूँ जिसका जवाब आपको स्वयं को ही देना है.
यदि आप माँ बाप है तो क्या आप अपने बच्चे का बुरा सोचेंगे कभी?
नहीं ना
उसी तरह, आपको सबसे पहले ये मानना होगा कि जो सर्वश्रेष्ठ शक्ति इस सृष्टि को चला रही है, आप उसी शक्ति का अंश है. आप में वो सभी क्षमता है जो कि उस शक्ति से आपको मिली है, बिलकुल उसी तरह जिस तरह आपको अपने माता पिता के गुण मिले है. ये ब्रह्माण्ड (यूनिवर्स) आपसे जुड़ा हुआ है और आप इस यूनिवर्स से जुड़े हुए है. और वो परम शक्ति आपको हर खुशी देना चाहती है वो आपका बुरा नहीं चाहती जिस तरह माता पिता अपनी बच्चो को हर खुशी देना चाहते है.

आपमें इतनी शक्ति है कि आप जो इच्छा करे वो पा सकते है, आप अपने इस पावर (शक्ति) से कुछ भी प्राप्त कर सकते है; जैसे कि बड़ा घर,गाड़ी, सेहत, कारोबार, धन और हर तरह कि खुशियाँ.
परन्तु इन सब को पाने के लिए आपको जानना होगा कि कैसे और आपको इन सब इच्छाओं कि पूरा करने के लिए कुछ बदलाव अपनी जीवन शैली में लाने होंगे.

मैं ये जानती हूँ, इतना आसान शायद आपको अभी लगे नहीं, पर यदि आप निरंतर प्र्यतन करे तो आप ना केवल अपनी जिंदगी को खुशहाल बना सकते है; बल्कि हर आने वाली नकारात्मक सोच को सकारातमक सोच में तब्दील कर सकते है. आपका अगला दिन कैसा हो, ये भी खुद ही सुनिश्चित कर सकते है.

इन सभी बातो का तथ्य विज्ञान के आधार पर और अदृश्य शक्ति के आधार पर भी देखा जा सकता है.
मनुस्य का अस्तित्व उसके दिमाग (ब्रेन) कि वजह से है, जबतक हमारे दिमाग कि हर इंद्री अपना काम सही ढंग से कर रही है तभी तक हम अपना जीवन जी रहे है. यह मान लेना कि दिल कि धड़कन बंद हो जाने से इंसान कि मौत होती है किसी हद्द तक सही है, मगर तर्कविशलेषण किया जाए तो ये प्रक्रिया दिमाग के सिग्नल (सन्देश) बंद हो जाने कि वजह से होती है.

इसका सीधा अर्थ निकलता है कि आपकी सारी शक्ति का केंद्र आपका सुक्षम सा दिखने वाला दिमाग है. यही दिमाग एक एंटीने कि भाँती यूनिवर्स तक आपके हर सन्देश हर तरह कि सोच को पोहचाता है. फिर चाहे वो नकारात्मक हो या फिर सकारात्मक. हम जो भी सोचते है वो होता है. अगर आप चिंता या तनाव वाली सोच सोचते है तो आप उसी तरह कि नकारात्मक चीज़ो को अपनी ओर आने कि ऊर्जा से आकर्षित करते है, तो ये बहुत ही महत्वपूर्ण है कि आप किस तरह कि सोच अधिकतर अपने दिमाग में पनपने देते है. वैज्ञानिक आधार से आपके दिमाग में सबकॉन्सियस माइंड (अचेतन मन) ओर कौन्सियस माइंड (चेतन मन) होते है.
जो आप अचेतन मन से लगातार सोचते है, वही आप अपने चेतन मन से पा सकते है. जिस तरह यह सिद्ध हुआ है कि २१ दिन लगातार एक ही चीज़ पे फोकस करने से वो हमे याद हो जाती है, या कहे कि २१ दिन में आदते बदल जाती है, उसी तरह जो हम लगातार विचार करते है वो विचार हमारे वर्त्तमान और भविस्य पर बहुत ही प्रभावपूर्ण होते है.

आपकी सोच आपके जीवन को बनाती है, तो अपने हर आने वाले ख्याल और सोच को सकारात्मक दृश्टिकोण के साचे में ढांलना शुरू करे.
अपने आगे आने वाले (Blogs)ब्लोग्स में, मै आपको टिप्स और सुझाव दूँगी आप ये जादू अपने जीवन में कैसे प्रयोग कर सकते है. तो जुड़े रहिये अपने जिंदगी को कैसे बदले ये जानलेने के लिए.
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