कोरोना वाइरस और उससे जुडी शंकाएं –

कोविड-19 “2020 की वैश्विक महामारी”

क्या है कोरोना वाइरस – कोरोना वाइरस बहुत सारे वाइरस का संघटित रूप है जो कि इंसान और जानवर में बहुत ही घातक बीमारी का कारण बन सकता है| कोरोना वाइरस अलग-अलग तरह के होते है जो कि आम सर्दी से लेकर, जानलेवा बीमारी का कारण भी हो सकते है|  ये वाइरस हमारे स्वांस लेने वाले आंतरिक अंगो को यानी रेस्प्रिटरी फंक्शन को ख़राब कर सकता है जिससे इंसान के फेफड़े स्वांस नहीं ले पाते और उसकी मृत्यु हो जाती है|

COVID -19

इस समय जो कोरोना वाइरस पूरे विशव को काल बनकर निगलने में लगा हुआ है वो COVID -19 है| ये COVID -19 बीमारी संक्रमण से फैलने वाली बीमारी है, जो चीन के वूहान से शुरू हुयी| जिसका भयानक परिणाम आज पूरा विश्व भुगत रहा है| अनगिनत लोग इससे संकर्मित हो चुके है तथा हज़ारो की तादात में लोग मर रहे| W.H.O ने इसे महामारी घोषित कर दिया है| लोग संकर्मित ना हो इससे बचने के लिए कई देशो में लॉक-डाउन (पूर्ण बंद) की स्थिति हो चुकी है|

कई देशो में लॉक-डाउन

COVID -19 के चलते कई तरह के सवाल और कई भ्रांतिया भी लोगो के मन में उत्पन हो गयी है| इन्ही शंकाओ के चलते लोगो में डर बढ़ता जा रहा है और कई लोग अफवाहों को बढ़ावा दे रहे है| इस समय हम सबको उन सभी शंकाओ तथा सवालो के जवाब जानना बहुत जरुरी है ताकि हम अपना और अपने परिवार जानो को इस दानवरूपी COVID -19 से सुरक्षित रख सके-

क्या COVID -19 – SARS ही जैसी बीमारी है? – नहीं| यद्यपि COVID -19 और SARS (Severe Acute Respiratory Syndrome) का प्रकोप अनुवांशिक रूप से सामान होते है परन्तु COVID -19 एक संक्रमण से फैलने वाली बीमारी है| जबकि SARS घातक बीमारी थी किन्तु इस बीमारी ने दुनिया में संक्रमित महामारी का रूप नहीं लिया|

COVID -19 VS SARS

क्या मास्क हर किसी को पहनने चाहिए? मास्क सिर्फ उनको ही पहनने चाहिए जो बीमार है| जिन्हे सर्दी खांसी हो रखी है या फिर आपके आसपास कोई वयक्ति खांसी से ग्रसित हो| अगर आप ना तो बीमार है ना ऐसे मरीज़ के संपर्क में है तो मास्क पहनने की कोई आवशयकता नहीं है| आप मास्क को व्यर्थ ही ज़ाया कर रहे है, वैसे ही दुनिया में इस समय मास्क की कमी हो रखी है|

यह वाइरस हवा में होता है ? – COVID-19 किसी के छींकने, खांसने और बात करते वक़्त उनके मुँह से निकले ड्रॉपलेट (बूंदो) से संचारित होता है यह ड्रॉप्लेट्स हवा में नहीं टिक पाती और किसी पे गिर जाती है| जैसे फर्श पे, पलंग पे दरवाजो पे, यदि आप इन सतहों को उस वक़्त छूते है और अपने हाथो को अपने नाक मुँह या कान पे लगाते है तो आप COVID -19 से संकर्मित हो सकते है|

COVID-19-मुँह से निकले ड्रॉपलेट में

कोरोना वाइरस पालतू कुत्ते या बिल्ली से भी हो सकता है ?- W.H.O द्वारा अब तक की जानकारी के अनुसार ऐसा अब तक कही सिद्ध नहीं हुआ ना ही ऐसे किसी जानवर को COVID -19 होने की पुष्टि हुयी है| जैसे की ये बताया गया है की ये ड्रॉपलेट यानी छींकते या खांसते समय थूक की बूंदो से संचारित होता है|

अत्यधिक सर्दी या अत्यधिक गर्मी से ये वाइरस ख़त्म हो जाता है ? अब तक के मिले प्रमाणों से पता लगा है की COVID -19 कही भी हो सकता है | इसका गर्मी, सर्दी या उमस भरे इलाको से कोई लेना देना नहीं है| इंसान के शरीर का सामान्य तापमान बाहर के तापमान के अनुसार लगभग 36.5 °C (डिग्री सेल्सियस) से 37°C के बीच होता है| तो ऐसी कोई वजह नहीं जिससे ये मान लिया जाए की अत्यधिक सर्दी या अत्यधिक गर्मी से ये वाइरस ख़त्म हो जाता है|

एल्कोहल (शराब) का सेवन करने या एल्कोहल का अपने पर स्प्रे करने से, कोरोना वाइरस मर जाता है?- नहीं एल्कोहल सेवन से या उसको अपने ऊपर छिड़कने से ये वाइरस मरता नहीं है|बल्कि ‘एल्कोहल’ किसी भी सतह पर कीटाणुनाशक के रूप में दिए गए निर्देशों के अनुसार प्रयोग किया जाना चाहिए| डॉक्टरों की सलाह के अनुसार जो लोग शराब और बीड़ी सिगरेट का सेवन करते है, उनको इसका सेवन नहीं करना चाहिए अन्यथा उनको इस बीमारी से खतरा रहेगा|

यदि आप सांस को 10 सेकंड से अधिक रोक पाते है तो आपको इससे खतरा नहीं है?- यदि आप अपनी सांस को बिना खाँसे 10 सेकंड या उससे से अधिक रोकने में सक्षम होते है तो इसका अर्थ ये कतई नहीं कि आपको कोरोना वाइरस नहीं हो सकता या आपको फेफड़ो से संबंधित कोई भी बीमारी नहीं हो सकती| जबकि बातये गए इन लक्षणों का गंभीर रूप (निमोनिया) भी इस COVID –19 कारण बन सकता है| तो ऐसे भ्रम से बचे और सिर्फ प्रयोगशाला में की गयी जांच को ही COVID –19 का प्रमाण माने|

क्या सभी को COVID – 19 टेस्ट या जांच कराने की आवश्यकता है? – इस प्रश्न के उत्तर से पहले यह जानना बहुत जरुरी है कि इस COVID – 19  के क्या लक्षण होते है – इस बीमारी के लक्षण में मुख्यत: बुखार, बदन दर्द, सूखी खांसी और सांस उखड़ने (सांस लेने में दिक्कत) जैसे होते है| परन्तु इस बीमारी के होने का चक्र 2 से 14 दिन के बीच होता है, यानी यदि कोई इस वाइरस से संक्रमित हो जाता है तो पहले कुछ दिन आपको इसका पता चलने के संकेत बहुत तुच्छ या सौम्य दिख सकते है या ना के बराबर भी होते है| ऐसा इसलिए होता है क्युकी हमारा आंतरिक इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा प्रणाली) इसको रोकने की कोशिश करता है और जैसे जैसे ये शक्ति लड़ने में कमजोर होती जाती है इस वाइरस के लक्षण प्रबल हो जाते है| यह निर्भर करता है की आपका इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा प्रणाली) कितना प्रबल है| वृद्ध व बढ़ती उम्र के व्यक्ति जिनको फेफड़ो की बीमारी, डाइबिटीज़, ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारी है उनमे इस बीमारी के होने का खतरा अधिक रहता है| तो यह जरुरी है कि उनका खासतौर पर ख्याल रखे उन्हें घर में ही रखे तथा सामाजिक दूरी बनाये रखने को कहे|

Test of COVID-19

COVID – 19 टेस्ट करने की आवश्यकता सबको नहीं होती| यदि कोई माइल्ड (सौम्य) ही बीमार है तो वो घर पे देखभाल करके ठीक हो सकती है| लेकिन यदि आपको सूखी खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ है, छाती में दबाव या होंठ नीले लगे तो शीघ्र ही COVID -19 की जांच कराये और खुद को अपने परिवारजनों से अलग रखे और सामाजिक बनाये दूरी रखे ताकि और लोगो तक संक्रमण ना फैले| खांसते व छींकते समय मास्क, रुमाल, टिश्यू या अपनी बाजू को मुँह के आगे रखे|

क्या सावधानी बरते? –इस कोरोना वाइरस को पराजित करने का सबसे प्रभावी तरीका अब तक यही है कि अपने हाथो बार बार धोये| कम से कम 20 सेकंड तक अपने हाथो को व उंगलियों के बीच अच्छे से साफ़ करे| किसी भी चीज़ को छू लेने के बाद या किसी भी वस्तु का उपयोग करने से पहले अच्छे से हाथ धोये| बार बार अपने चेहरे को न छुये| सबसे महत्त्वपूर्ण है कि घर में ही रहे और सुरक्षित रहे| यदि किसी आपातकालीन स्थिति में आप कही जाते है तो भी ध्यान रखे किसी भी व्यक्ति से कम से कम 1 मीटर कि दूरी बनाये रखे| जहाँ हाथ धोने कि सुविधा न हो अपने साथ सेनेटाइजर (प्रक्षालक) रखे उसे हाथो पे लगाए| खांसते या छीकते समय मुँह के आगे मास्क, रुमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करे और उपयोग के बाद उस टिश्यू को ढक्कनदार कूड़े के डब्बे में डाल दे, या फिर खांसते या छींकते वक़्त अपनी बाजू मुँह के आगे रखे|

हम सभी के लिए इस समय यह बहुत जरुरी है कि हम इन बचाव के निर्देशों का पालन करके खुद को व अपने अन्य देशवासियो को सुरक्षित रख सकते है| जब तक कि हमारे अंतर्राष्टीय वैज्ञानिक इस बीमारी का सही उपचार नहीं ढूंढ लेते तब तक हमारा यह सहयोग कई लोग कि ज़िंदगिया बचा सकता है|

"घर पे रहे,स्वस्थ रहे"

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डाइबिटीज़ और उसके घरेलु उपचार

डाइबिटीज़ या मधुमेह क्या है?-

डाइबिटीज़ या मधुमेह एक पुरानी बीमारी है यह तब होती है जब हमारा शरीर खाद्य पदार्धो से मिलने वाली शर्करा (शुगर) का उपयोग सही ढंग से नहीं कर पाता है जोकि हमारे शरीर की ऊर्जा का स्रोत होती है| इस में बड़ी भूमिका हमारे पेन्क्रियास (Pancreas) यानि कि अग्नाशय की होती है, जो हमारी बॉडी के लिए इन्सुलिन नामक हार्मोन्स उत्त्पन करता है| यह इन्सुलिन हार्मोन्स हमारे खाने से ग्लूकोस को लेकर हमारी कोशिकाओं (cell) तक पहुँचाता ताकि हमारे शरीर को आवश्यक ऊर्जा मिल सके| हमारे खून में इस ग्लूकोस (शर्करा) का निर्माण होता है| जब ये ब्लड शर्करा (ब्लड शुगर) बढ़ती है तब यह मधुमेह विकार बनती है| ये ब्लड शुगर के बढ़ने से (जिसको ह्य्परग्लिकेमिया के नाम से भी जाना जाता है) डाइबिटीज़ कई तरह की क्षति हमारे शरीर में पैदा करती है| बढ़ी हुयी शुगर से दिल की बीमारी, आँखों की रोशिनी जाना, लिवर ख़राब होना और गुर्दो का फेल हो जाने जैसे खतनाक समस्याए पैदा हो सकती है| W.H.O के अध्यन के अनुसार 1980 में डाइबिटीज़ से पीड़ित लोगो की संख्या 108 मिलियन थी जोकि अब तक बढ़कर 422 मिलियन के करीब पहुँच गयी है| परन्तु इस बीमारी के बारे में लोगो में बहुत ही कम जागरूकता पायी जाती है|

बहुत से लोग ये नहीं जानते कि शुगर की बीमारी कैसे होती है? मधुमेह के क्या लक्षणहै? मधुमेह के रोगी किस तरह का आहार ले? डाइबिटीज़ के घरेलु उपचार तो आईये जानते है इनके बारे में –

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मुख्यता डाइबिटीज़ दो प्रकार कि होती है

टाइप 1 डाइबिटीज़ यह एक स्थायी स्थिति होती है जिसमें पेन्क्रियास (अग्नाशय) बहुत कम या कोई भी इन्सुलिन नहीं बना पाता है | टाइप 1 अक्सर बच्चो या किशोरावस्था में होता है, इस परिस्थिति में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) गलत तरीके से काम करने लगता है जिसके फलस्वरूप वह इन्सुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देता है| यह बीमारी लाइलाज होती है, इसके प्रबंधन के लिए शरीर को हर रोज इन्सुलिन का इंजेक्शन खाने से पहले देना पड़ता है |

टाइप 2 डाइबिटीज़- इस अवस्था में पेन्क्रियास (अग्नाशय) इन्सुलिन को कोशिकाओं तक नहीं पहुँचा पाता क्युकी बॉडी (body) की कोशिकाएं उसका प्रतिरोध करती है | या फिर धीरे धीरे उसकी क्षमता को कम कर देता है | चूँकि शुगर कोशिकाओं में नहीं जा पाती इसलिए ये रक्तधारा में पनपती है| यही ब्लड शुगर के अत्यधिक बढ़ जाने से टाइप 2 डाइबिटीज़ होती है| टाइप 2 किसी भी समय हो सकती है इसके हो जाने के प्रमुख कारण अनुवांशिकता, मोटापा, वजन ज्यादा होना या फिर शारीरिक क्रियाओ का कम होना हैं |

डाइबिटीज़ के लक्षण

  • बार बार प्यास लगना
  • बार बार पेशाब आना
  • अत्यधिक भूख लगना
  • अनायास वजन कम होना
  • चिड़चिड़ापन
  • कमजोरी औरअकारण थकावट महसूस होना
  • घाव ठीक न होना या देर से घाव ठीक होना
  • रक्त में संक्रमण होना
  • खुजली या त्वचा रोग
  • सिरदर्द  
  • धुंधला दिखना

डाइबिटीज़/ब्लड शुगर के स्तर (Blood sugar level) की जानकारी –  डाइबिटीज़ के उपचार की आधारशिला उसका सही ज्ञान है| मधुमेह का उपचार, उसको सही तरह से मैनेज करने और अपनी जीवनशैली में सुधार करने से नियंत्रित किया जा सकता है| इसके लिए आपका चिकत्सक एक सही सहलाकर होना चाहिए| उपचार से पहले यह जान लेना आवश्यक है की आप किस टाइप की डाइबिटीज़ से पीड़ित है| उसके लिए आपको अपने खून की जांच करवानी होती है | जिससे सही ब्लड शुगर का लेवल पाता चलता है| आमतौर पे टाइप 2 डाइबिटीज़ ज्यादा पायी गयी है |

सामान्य ब्लड शुगर का स्तर 100 mg /dl से कम, जोकि कम से कम 8 घंटे खाली पेट के बाद की होनी चाहिए| और खाना खाने के 2 घंटे बाद 140 mg/dl से अधिक नहीं होनी चाहिए| अगर ब्लड शुगर लेवल 70 mg/dl से नीचे होता है तो ये आपके लिए खतरे की घंटी हो सकती है इस स्थिति में आपको चक्कर महसूस होंगे, बहुत ज्यादा कमजोरी लगेगी, या आप चलने या खड़े होने में अस्थिर महसूस करते है| यदि आपको ये लक्षण लगे तो तरुंत इसका उपचार करे|

ब्लड शुगर का स्तर यदि खाना खाने से पहले 130 mg/dl और खाने के 180 mg/dl है| तो यह ब्लड शुगर लेवल अधिक है | ज्यादातर शुगर बढ़ने के लक्षण 250 mg/dl से अधिक बढ़ जाने के बाद ही महसूस होते है| जिनमे है पेशाब का अधिक आना, सिर भारी होना, उकाई आना, भूख ज्यादा होना, दस्त लगना इत्यादि| यदि आपको बार बार पेशाब आता है और साथ ही आपको पेशाब वाली जगह पे खुजली या चकत्ते हो रहे है इसका अर्थ है आपको ब्लड शुगर लेवल काफी बड़ा हुआ है | अगर यह 400 mg/dl से अधिक है तो तुरंत डॉक्टर से मिले या उपचार ले|

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मधुमेह के रोगी किस तरह का आहार ले- किसी भी बीमारी को यदि आप संतुलन अवस्था में लाना चाहते है तो सबसे महत्वपूर्ण होता है आहार, जिससे न केवल हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है बल्कि हमें कई तरह के विटामिन्स, पौष्टिक तत्व, रोगो से लड़ने कि ताकत मिलती है| मधुमेह के रोगी का आहार सामान्यता इस तरह से होना चाहिए कि उसमे कार्बोहइड्रेट कि मात्रा बहुत अधिक ना हो व साथ ही ग्लूकोस उस आहार में शामिल ना हो| फाइबर युक्त खाना आपके पाचन किर्या में सहायक होता है ये शुगर लेवल को बढ़ने नहीं देता| निम्नलिखित फल व् आहार ऐसे है जिनमे कम शुगर व् कार्बोहाइड्रेट है साथ ही ये फाइबर और पोस्टिकता से पूर्ण है-

मधुमेह के रोगी का आहार (image credit-Pixabay)
  • हरी पत्तेदार सब्जिया – जैसे पालक, मेथी,सरसो, ब्रोकली, गोभी, आदि|
  • साबुत अनाज – जैसे – भूरा चावल, बाजरा, जौ, चने का आटा, दलिया, साबुत दालें आदि|
  • फल – जैसे – पपीता, नाशपाती, संतरा, जामुन,ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी,आड़ू
  • सब्जिया – करेला, सेम, बीन्स, भिंडी, लौकी, टिंडे, गाजर, मटर, मशरुम आदि|
  • ओमेगा -३ फैट – इसके लिए सेलमन मछली अल्बकोर टूना मछली, जो शाकाहारी है वो अखरोट ले|
  • खाद्य तेल – खाना बनाने के लिए ओलिव आयल या सरसो के तेल का ही प्रयोग करे|
  • कुछ बीज – जैसे चिआ सीड, तरबूज के बीज, खरबूजे के सूखे हुए बीज व्का अलसी के बीज का सेवन भी बहुत अच्छे होते है शुगर के रोगी के लिए|

मधुमेह के रोगी को क्या नहीं खाना चाहिए –

मीठा ना खाये
  • अत्याधिक कार्बोहइड्रेट कि मात्रा व् अत्याधिक ग्लूकोस इंडेक्स वाली चीज़ ना खाये जैसे – आलू, सफ़ेद ब्रेड, सफ़ेद पास्ता, चावल, आम, खरबूज, पाइनएप्पल, कद्दू, अरबी आदि|
  • संतृप्त व ट्रांस फैट – अर्थात तली हुयी या डीप फ्राई कि गयी चीज़ ना खाये जैसे चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, टिक्की, पूरी, पकोड़े आदि|
  • मीठे पेय पदार्थ अथवा रिफाइंड शुगर वाली चीज़ो का सेवन ना करे – जैसे कि कोल्ड ड्रिंक,कॉफ़ी, शेक्स
  • केक, पेस्ट्री, मीठे बिस्कुट आदि|
  • नोट- शराब का सेवन व धूम्रपान ना करे यह शुगर के रोगियों के लिए बहुत ही नुकसानदेय है|
शराब का सेवन व धूम्रपान ना करे

डाइबिटीज़ के 7 फायदेमंद घरेलू उपचार-

1- नियमित रूप से व्यायाम करे – प्रतिदिन व्यायाम करने से इन्सुलिन कि सवेदन क्षमता बढ़ती है और साथ आपका वजन नहीं बढ़ता| आप खेलकूद में भी भाग ले सकते है जैसे साईकिल चलना, बैडमिंटन खेलना, तैराकी करना, फुटबॉल खेलना आदि| व्यायाम में आप योगा कर सकते है व जिम में कार्डिओ और वेट लिफ्टिंग जैसे व्यायाम कर सकते है| इन सब में आपकी ब्लड शुगर एनर्जी के रूप में इस्तेमाल होती है|

व्यायाम करे (image credit-Pixabay)

2- कम कार्बोहाइड्रेट और कम ग्लूकोस इंडेक्स (GI) वाला भोजन आहार ले- कार्बोहाइड्रेट खाने से ग्लूकोस का निर्माण होता है, और ये ग्लूकोस हमारे ब्लड शुगर स्तर को और बढ़ाता है| जैसे कि पहले ही जानकारी दी गयी है कि कौनसा खाना अधिक GI और कार्बोहाइड्रेट वाला होता है|फाइबर युक्त खाना कार्बोहाइड्रेट के पाचन व शर्करा के निर्माण को नियंत्रित करता है इसलिए लिए फाइबर (रेशे) युक्त आहार अपने खाने में ज्यादा ले |

3-अधिक से अधिक पानी पिये- पानी आपकी बॉडी को हाइड्रेट करता है (शरीर में पानी कि पूर्ती करता है) पानी ज्यादा पिने से खून का संचार सही ढंग से होता है| क्युकी शुगर की बीमारी कि वजह से बार बार पेशाब आता रहता है, ऐसे में पानी अधिक पीने से डिहाइड्रेशन से बचा जा सकता है और इससे किडनिया भी ठीक रहती है|

अधिक पानी पिये (Image credit-Pixabay)

4-करेला खाये- करेला शुगर के रोगियों के लिए रामबाण की तरह काम करता है| और यह चिकित्सा विज्ञान में एक परंपरागत उपचार भी माना गया है| करेला इन्सुलिन की तरह हमारे कोशिकाओं के लिए काम करता है, यह ग्लूकोस को खून में मिलने नहीं देता तथा उसको सही तरीके से लिवर व मासपेशियो तक पहुचाने में सहायता करता है| इसका उपयोग हफ्ते में 2 से 3 बार करना चाहिए| आप करेले की सब्जी भी खा सकते है या फिर इसको छील कर इसके बीजो को अलग करके इसका जूस बनके पीने से यह बहुत ही फायेदमंद होता है|

करेला (Image credit- pixabay)

5-आमले का उपयोग करे- आमला एक प्रकृति का दिया ऐसा उपहार है जो हर रोग के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है जैसे – आँखों की रोशिनी, बालो की समस्या, इम्युनिटी बढ़ाना आदि| शुगर के लिए भी आमला उतना ही लाभदायक है, क्युकी इसमें विटामिन C की प्रचुर मात्रा पायी जाती है| जो की शरीर में रोगो से लड़ने की क्षमता को बढ़ाती है| यह पैनक्रिआस (Pancreas) की अनुकूलता शक्ति को बढ़ाता है जिससे ग्लूकोज़ का स्तर खून में संतुलित रहता है| रोज़ाना आप रोज़ 2-3 आमलों की गुठली को अलग करके जूस बना के खाली पेट इसे पिए, आप चाहे तो १ चम्मच करेला का जूस और एक चम्मच आमले का जूस मिलाकर भी पी सकते है|

आमला (PC-Pixabay)

6-मेथी- मेथी हर भारतीय रसोई में पायी जाने वाली सामग्री है यह भी ब्लड शुगर को संतुलन करने में लाभकारी होती है| इसका उपयोग करने के लिए आप २ चम्मच मेथी दाने को रातभर एक कप पानी में भिगोके रखे और सुबह खाली पेट इस पानी को पी ले इससे आपका ग्लूकोस लेवल सही रहता है|

मेथी दाने

7-एलोवेरा प्लांट (Aloe Vera)– एलोवेरा एक कांटेदार पर अंदर से रसीला पौधा होता है| जो आजकल घरो के गमलो में भी कई लोग उगाते है| अध्यन के द्वारा यह सिद्ध हुआ है की इसके काफी हर्बल फायदे चिकत्सा में है| अक्सर इसका उपयोग त्वचा के लिए क्रीम, लोशन के रूप में किया जाता है| इसमें एंटीबायोटिक गुण होते है| ये लिवर से सम्बंधित बीमारी जैसे की हेपेटाइटिस और घावों को जल्दी भरने में बहुत फायदा करता है| ये ब्लड शुगर के लेवल को संतुलित करता है| इसका जूस और सिरप बाजार में आमतोर पे उपलब्ध होता है| जिसे आप उसमे दिए गये नुस्खे के अनुसार ले सकते है|

AloeVera (image credit- Pixabay)

मधुमेह को यदि आप सही तरह से संतुलित रखेंगे, और जो जानकारी आपको मिली है उसका उपयोग डाइबिटीज़ के नियंतरण के लिए करे तो आप भी इसके कारण होने वाली अन्य बीमारियों से बचाव कर सकते है| ध्यान रहे अगर आप अपने डाइबिटीज़ को आज नज़रअंदाज कर रहे है तो कल यह आपके दिल, लिवर, गुर्दो और आँखों के लिए खतरे की घंटी बन सकती है| संतुलित खाये और व्यायाम करे और स्वस्थ रहे|

Best Yoga for thyroid disorder

थयरॉइड के लिए कौनसे बेस्ट योगा करे-

आप सभी जानते होंगे की योगा हमारे मानसिक व शारीरिक स्वास्थ तथा जीवनशैली को सुगम और सुचारु एवं संतुलित बनाता है| योग के द्वारा मनुष्य वो सबकुछ प्राप्त कर सकता है जिसे हम आध्यात्म कहते है|
योग न केवल अपने मन व शरीर को संतुलित करने की प्रक्रिया है बल्कि; निरंतर योगा अभ्यास से हमारे शरीर की कई तरह की समस्याओ का समाधान भी होता है, जैसे कि बालो का झड़ना, कोलेस्ट्रॉल (रक्तवसा), मासपेशियो में दर्द, तनाव से मुक्ति, कब्ज, वजन का संतुलन, हार्मोन्स का सही स्तर में होना, थकावट वगैरह| अब इन सभी रोज़मर्रा कि समस्याओ के बहुत से अलग अलग कारण होते है, जिनमे से एक है थयरॉइड|
क्लिक करे जानने के लिए – क्या है ये थयरॉइड?

योगा और थयरॉइड विकार (Yoga and Thyroid disorder) –

Thyroid (थयरॉइड) हमारे गले के अगले हिस्से में स्थित एक ग्रंथि (gland) होती है जो एक तितली नुमा आकर की होती है|थयरॉइड हार्मोन्स दो तरह के होते है|

(i) T3- Traiiodothyronine (ट्राईआयोडोथायरोनिन) (ii) T4- Throxine (थायरोक्सिन) : इन्ही दोनों हॉर्मोन्स के स्तर (लेवल) में असंतुलन होने से थयरॉइड विकार उत्पन होता है| अतः इन हॉर्मोन्स का संतुलन होना बहुत ही महत्वपूर्ण है| यदि इनमे से कोई भी हार्मोन का स्तर बहुत अधिक या बहुत कम होने लगता है तो फलस्वरूप Hyperthyroidism (हाइपरथायरायडिज्म / अतिगलग्रंथिता ) या Hypothyroidism (हाइपोथायरायडिज्म /अवटु-अल्पक्रियता) थयरॉइड हो सकता है| हालांकि डॉक्टर या चिक्तश्क इन हार्मोन्स को सन्तुलिन रखने के लिए औषधि देते है परन्तु हमारी आजकल की जीवनशैली इस बीमारी का पूर्ण ईलाज कर पाने में असमर्थ कर देती है ऐसे में योगा अभ्यास इस थयरॉइड के ईलाज में पूरक सिद्ध हुआ है| जून 2016 में नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन (NCBI) द्वारा किये गए अध्यन में ये पता चला है कि निरंतर 6 माह तक किये गए योगा अभ्यास से थयरॉइड व कोलेस्ट्रॉल में सुधार देखे गए है|

थयरॉइड में कौनसे योगा आसन करे –

थयरॉइड में योगा के आसन जान लेने से पहले यह बहुत जरुरी है कि आपको योग के बेसिक यानिकि आपको थोड़ा बहुत बुनियादी ज्ञान होना चाहिए या इन आसनो को करने से पहले किसी योग निरक्षक से निरिक्षण लेना चाहिए| चूँकि थयरॉइड दो प्रकार के है इसलिए योगा के आसन भी दोनों के लिए भिन्न होते है|

Hypothyroidism (हाइपरथायरायडिज्म) में किये जाने वाले मुख्य आसन

  • सर्वांगासन
  • बीतिलासन मार्जरीआसन
  • हलासन
  • भुजंगासन
  • मतस्य आसन
  • सेतुबंध आसन

सर्वांगासन- जैसा की नाम से ही पता चलता है, सर्वांगासन अर्थात सभी अंगो का आसन, यह एक ऐसा आसन है जिसमे आपके शरीर के लगभग सभी अंग योग में होते है| इस आसन में आप अपने पूरे शरीर को अपने कंधो व् हाथों की सहायता से ऊपर की तरफ उठाते है जिससे खून का प्रवाह सिर की तरफ को होता है, ये आसन ब्लड प्रेशर जिनका कम रहता है उनके लिए भी अच्छा होता है|सर्वांगासन मष्तिस्क को खून पोहचाने में मदद करता है, इस आसान से थयरॉइड ग्लैंड पर दवाब आता है जिससे हार्मोन्स बैलेंस होने में हेल्प मिलती है|

सर्वांगासन करने का तरीका

  • सर्वांगासन करने के लिए सबसे पहले आप योगा मैट पे पीठ के बल लेट जाए| जैसे की शवासन में लेटते है|
  • अब अपने पैरो को जोड़े और हाथो को मैट पे अपने शरीर के बगल में रखे और गहरी सास लेते हुए अब धीरे धीरे अपने पैरो को एक साथ ऊपर की ओर लेकर के जाए|
  • अपने हाथो की सहायता से अपनी कमर को ऊपर की तरफ सीधा होने में सहयोग दे
  • कोशिश करे जितना ज्यादा आप अपनी टांगो को सीधा रख सकते है|
  • लगभग 10 सेकंड तक रुकने का प्रयास करे, और सास छोड़ते हुए वापिस अपने पैरो को घुटनो के पास लाते हुए नीचे की तरफ ले जाए वापिस शवासन में, ध्यान रखे वापिस आते समय झटके से ना आये|
SarvangAsan (सर्वांगासन)

चेतावनी – गर्भवती महिलाये इस आसान को ना करे|

बीतिलासन मार्जरीआसन (Bitilasana Marjaryasana)- यह आसान काऊ और कैट पोज़ (Cow and Cat Pose) के नाम से भी जाना जाता है| यह आसन थयरॉइड ग्रंथि को लाभान्वित करता है, इस आसन में आप अपनी ठोढी को अपनी छाती की तरफ खींचते है और फिर गर्दन को बहार की तरफ खींचते है जिससे थयरॉइड ग्लैड सक्रिय होती है|

बीतिलासन मार्जरीआसन करने का तरीका-

  • अपने हाथों के और घुटनो के बल नीचे झुके, आपके घुटने और हथेली समानांतर हो और आपके कंधे आपके कूल्हों के समान्तर हो और आपकी पीठ सीधी एक लाइन में हो|
  • अब सांस लेते हुए अपने गर्दन को बहार की तरफ खींचे और अपनी रीढ़ की हड्डी को अंदर की तरफ झुकाये लगभग २ से ३ सेकंड रुके
  • अब सांस छोड़ते हुए गर्दन को अंदर की तरफ ले जाते हुए अपनी ठोड़ी को छाती से लगाए और रीढ़ की हड्डी को बाहर की तरफ उठाये
  • अपनी शरीर से तालमेल के अनुसार इस प्रकिर्या को ५-६ बार दोहराये
  • इस आसान को विराम देते हुए वजरासन में आ जाये
बीतिलासन मार्जरीआसन (Bitilasana Marjaryasana)

चेतावनी – गर्भवती महिलाये इस आसान को ना करे|

हलासन (Plough posture)- ये आसन न केवल थयरॉइड ग्लैंड को सक्रिय करता है बल्कि मासपेशियो व कमर के लिए भी फायदेमंद होता है| रीढ़ की हड्डी (मेरुदंड) का लचीलापन बढ़ाता है

हलासन करने का तरीका –

  • सबसे पहले आप योगा मैट पे पीठ के बल लेट जाए| जैसे की शवासन में लेटते है|
  • अब सांस लेते हुए धीरे धीरे अपने पैरो को उठाये आपके दोनों पैर एक साथ जुड़े हो तथा इन्हे पहले 30 डिग्री के कोण पे फिर, 60 के कोण पे उसके बाद 90 डिग्री के कोण पे ले जाए|
  • अब सांस छोड़ते हुए पैरो को सिर के पीछे की तरफ ले जाए जितना ले जा सकते है, कोशिश करे की आपके पैर जमीन को छू सके, इस समय सांस सामान्य रूप से लेते रहे| चाहे तो पीठ को हाथों से ऊपर की तरफ उठा सकते है|
  • इस आसान को लगभग 15 से 20 सेकंड तक रोकने की कोशिश करे|
  • अब जिस तरफ पैरो को लेकर गए थे उसी क्रम में पहले 90, फिर 60 और फिर 30 डिग्री का कोण बनाते हुए धीरे धीरे शवासन में वापिस आये|
हलासन (Plough posture)

चेतावनी – गर्भवती महिलाये इस आसान को ना करे|

भुजंगासन- (कोबरा पोज़)– भुजंगासन भी गर्दन में खिचाव करता है जिससे थयरॉइड ग्लैड सक्रिय होती है और कमर दर्द में राहत देता है|

भुजंगासन करने का तरीका

  • इस आसान में आप पेट के बल मैट पे लेट जाए और अपने हाथों को कंधो के बगल में पंजो को नीचे रखेंगे|
  • अब अपनी नाभि के बल छाती को ऊपर की तरह उठाना है कोहनियो को अंदर की और रखते हुए गर्दन को ऊपर की तरफ रखना है |
  • सांस लेते हुए कमर से ऊपर के हिस्से को साँप के फन की भांति ऊपर उठाये और गर्दन को ऊपर की तरफ खींचे और सामने दृष्टि केंद्रित करे 10 से 15 सेकंड के लिए इसी अवस्था में रहते हुए सांस लेते रहे |
  • अब सांस छोड़ते हुए नीचे वापिस आये और अपने हाथों को सामने की तरफ रख के सामान्य अवस्था में आ जाये |
भुजंगासन- (कोबरा पोज़)

चेतावनी – गर्भवती महिलाये इस आसान को ना करे|

मतस्य आसन (Fish Pose)– यह फिश पोज़ कहलाता है जो की संस्कृत शब्द ‘मत्स्य’ से बना है,जिसका अर्थ मछली होता है| इस आसान से हमारे शरीर में खून का संचार बढ़ता है इस आसान को करने से थयरॉइड को नियंत्रित करने में लाभ होता है| इसके अलवा ये हमारी रीढ़ व कमर के लिए बहोत ही लाभदायक आसन है |

मतस्य आसन करने का तरीका

  • योग मैट पे पीठ के बल आराम से लेट जाए और अपने हाथों को अपने कूल्हों के नीचे इस तरह से रखे की आपकी हथेली जमीन की तरफ हो और आपके दोनों हाथ कूल्हों के नीचे आ जाए अगर आपको ज्यादा खिचाव लगता है और हाथ नहीं पुहच पाते तो आप हाथों को बिलकुल पास भी रख सकते है|
  • अब गहरी सांस लेते हुए अपने पैरो की तरह देखते हुए ऊपर की ओर उठे ऐसा आपको कोहनियो की सहायता लेते हुए करना है|
  • जैसे ही आप कोहनियो की सहायता से ऊपर की तरफ उठते है वैसे ही आपको अपने सिर की तालु (मध्य भाग) को नीचे की ओर जमीन पे ले जाना है और अपना ध्यान सिर की पिछली साइड केंद्रित करना है|
  • ये आसन 10-15 सेकंड तक सास लेते हुए करना है, ध्यान रखे ये आसान बहुत ही धीरे और आराम से करना है जिससे की गर्दन में कोई झटका ना महसूस हो|
  • अब धीरे से सिर को सीधा रखे और दोनों हाथों को नीचे से बहार हटाए और शरीर को हल्का छोड़ते हुए शवासन में आ जाये और कुछ क्षण आराम करे|
मतस्य आसन (Fish Pose)

सेतुबंध आसन (Bridge Pose)– सेतु बंद का अर्थ है पुल् बनना इस आसन से आप पुलनुमा आकार बनाते है इसलिए इसे सेतुबंध कहा जाता है| ये आसन भी मस्तिष्क को तनावमुक्त शांत रखने के साथ थयरॉइड ग्लैंड को सही तरह से काम करने में सहायक होता है| इस आसन से पेट से जुडी समस्या जैसे कब्ज़,अपचन सही रहता है और पीठ की मासपेशिया मजबूत होती है|

सेतुबंध आसन (Bridge Pose) करने का तरीका

  • इसको करने के लिए मैट पर सीधा लेटे और अपने पैरो को अंदर की तरह मोड़े कूल्हों की तरफ लाये आपके पैर समान्तर हो, और घुटने बहार की तरफ ना निकले हो |
  • अब आप अपने दोनों हाथो को प्रयोग करते हुए अपने टक्नो (एंकल) को पकड़ते हुए गहरी सास ले एवं ऊपर की तरफ इस तरह उठे जैसे पुल्ल का आकर होता है |
  • आपका सिर और हाथ जमीं पर ही होने चाहिए साथ ही आपके घुटने व पैर एक सीध में, इस दौरान सामान्य रूप से सांस लेते रहे |
  • अब धीरे से दोनों हाथों को नीचे से बहार हटाए और शरीर को हल्का छोड़ते हुए शवासन में आ जाये और कुछ क्षण आराम करे |
सेतुबंध आसन (Bridge Pose)

इन सभी आसनो का निरंतर प्रयास ना केवल सिर्फ थयरॉइड को काबू रखता है बल्कि आपके मानसिक सवस्थ और आपके शरीर की अन्य कई समस्याओं में भी लाभप्रद है| योग और किन रोगो से मुक्ति दिलाता है? उसके लिए आप ये पुस्तक अमेज़न से आर्डर करके मंगवा सकते है|

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What is Thyroid? थयरॉइड क्या है?

थयरॉइड क्या है? जानिये थयरॉइड के लक्षण

जानिये थयरॉइड के लक्षण व उसके बचाव के उपाय

हेलो फ्रेंड्स,
जैसे की अब तक मेरा यही प्रयास रहा है, की मैं अपने लेखो (Blogs) के द्वारा आपको समय समय पर आपका मानसिक व शारीरिक स्वास्थ किस तरह बेहतर हो, इस बारे में सुझाव देती आयी हूँ|
आज भी मैं आपके समक्ष एक स्वास्थ सम्बंधित विषय (Thyroid) के बारे में कुछ जानकारी अपने इस लेखन के द्वारा देने का प्रयास कर रही हूँ|
आप में से बहुत कम ही लोग अवगत होंगे इस बीमारी के नाम से “थयरॉइड” (Thyroid)|
क्या है ये थयरॉइड? क्या इसके लक्षण है और किस तरह से इस थयरॉइड बीमारी या डिसॉर्डर से बचा जा सकता है? तो आईये जानते है –

Thyroid (थयरॉइड) हमारे गले के अगले हिस्से में स्थित एक ग्रंथि (gland) होती है जो एक तितली नुमा आकर की होती है| ये दो तरह के थयरॉइड हार्मोन्स को बनाती है|

गले के अगले हिस्से में स्थित ग्रंथि (ग्लैंड)

ये थयरॉइड हार्मोन्स हमारे खून के द्वारा हमारे शरीर के सभी आंतरिक अंगो को नियंत्रित करता है| दो तरह के थयरॉइड हार्मोन्स होते है – (i) T3- Traiiodothyronine (ट्राईआयोडोथायरोनिन) (ii) T4- Throxine (थायरोक्सिन)

थयरॉइड हार्मोनस- – (i) T3- Traiiodothyronine (ट्राईआयोडोथायरोनिन) (ii) T4- Throxine (थायरोक्सिन)

यही ग्रंथि शरीर के बेसल मेटाबोलिक रेट (BMR) को नियंत्रित करती है| BMR- हमारे बॉडी को किसी भी काम को करने के लिए जो ऊर्जा शक्ति की जरुरत होती है उसे बेसल मेटाबोलिक रेट (BMR) कहते है, जिसे Calories (कैलोरीस) के रूप में मापा जाता है| थयरॉइड ग्लैंड(Gland) से बनने वाले हार्मोन्स का सीधा असर हमारे BMR पे होता है| इसकी वजह से goiter यानि की घेंघा नामक बीमारी होने का खतरा बना रहता है| T3 और T4 हार्मोन्स का अनुपात हमारे खून में 14:1 होता है| ये हार्मोन्स हमारे शरीर में आयोडीन (Iodine) की कमी की वजह से संतुलन में नहीं रह पाते जिसकी वजह से दो किस्म के थयरॉइड की समस्याए होती है जो आमतौर पे देखी जाती है |

  • Hyperthyroidism (हाइपरथायरायडिज्म / अतिगलग्रंथिता ): जब हमारी थयरॉइड ग्रंथि ज़रुरत से कही अधिक हार्मोन्स उत्त्पन करती है.
  • Hypothyroidism (हाइपोथायरायडिज्म / अवटु-अल्पक्रियता): जब हमारी थयरॉइड ग्रंथि जरुरत से कम हॉर्मोन्स उत्त्पन करती है.

Symptoms of Hyperthyroidism (हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण) – जैसा कि पहले बताया की थयरॉइड हार्मोन्स हमारे शरीर की कई प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है, जिनमे से कुछ है – आपका मेटाबोलिक रेट (Metabolic rate), यानी आपकी कितनी कैलोरीज (Calories) बर्न होती है व किस दर से आपके दिल की धड़कन काम कर रही है. ह्यपरथीरोडिस् (Hyperthyroidism) अधिक हार्मोन्स के उत्त्पन होने से होता है और अधिकतर यह महिलाओ में देखा जाता है इसके कुछ लक्षण है –

  • चिड़चिड़ापन
  • मूड स्विंग्स
  • थकान व कमजोरी लगना
  • गर्मी न बर्दास्त कर पाना
  • दिल कि धड़कन बढ़ना या असामान्य धड़कने रहना
  • वजन का तेजी से कम होना
  • पाचन सही न रहना
  • घेंघा होना, जोकि थयरॉइड कि बड़ी दशा है जिसमे गर्दन में सूजन आ जाती है.

Symptoms of Hypothyroidism (हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण)-जब आपकी थयरॉइड ग्रंथि पर्याप्त हरोमेंस नहीं उत्तपन नहीं कर पाती, जितना की हमारे शरीर की प्रक्रियाओं के लिए आवशयक है, उस दशा को ह्य्पोथयरॉडिज़्म कहते है. इस दशा में अक्सर ये लक्षण होते है –

  • थकान लगना
  • जोड़ो में दर्द रहना
  • चेहरे पे सूजन होना
  • ठण्ड बर्दास्त न कर पाना
  • दिल कि धड़कनो का धीमा लगना
  • वजन का तेजी से बढ़ना
  • कब्ज़ होना
  • रूखी त्वचा होना
  • बालो का गिरना व बाल बहुत पतले होना
  • पसीना कम आना
  • मासिक धर्म का अनियमित होना अथवा बहुत मात्रा में शिराव (ब्लीडिंग) होना या प्रजनन शक्ति कम होना.
  • डिप्रेशन होना

यदि आप इनमे से कोई लक्षण महसूस करते हो तो, अपने डॉक्टर की सलाह से थयरॉइड के होने वाले टेस्ट अवश्य कराये. जिनमे कुछ टेस्ट है –
Thyroid-stimulating hormone (TSH)- थयरॉइड – स्टिमुलेटिंग हॉर्मोन टेस्ट
T4 (thyroxine) – थायरोक्सिन टेस्ट
Thyroid अल्ट्रासाउंड – अल्ट्रासाउंड
Thyroid स्कैन- थयरॉइड स्कैन

अगर सही समय पे थयरॉइड की जानकारी मिल जाए तो इसका प्रभंधन मुमकिन होता है| ये एक ऐसा डिसऑर्डर है जो सिर्फ दवाईयो से पूरी तरह मैनेज नहीं हो पता, इसके लिए विशेष रूप से आपको अपने जीवनशैली में कुछ बतलाव लाना बहुत ही जरुरी है| क्युकी थयरॉइड हमारे आजकल की जीवनशैली से होने वाली बीमारी बन गयी है| जिस तरह आजकल हमारा रहन सहन हो चला है छोटी उम्र के लोगो में भी ये बीमारी बड़ी आम हो गयी है|

जिनको थयरॉइड नहीं है, परन्तु जिनकी जीवनशैली में इन सभी पोषक तत्वों (जैसे कि- विटामिन डी, आयोडीन,प्रोटीन और आयरन) की कमी है और जो वयक्ति जंक फ़ूड का सेवन अधिक करते है; इसके अलावा अगर आपकी जीवन में आप किसी भी तरह का व्यायाम या कसरत नहीं करते तथा ज्यादातर काम बैठके करते है| उन सभी में थयरॉइड होने की आशंका अधिक हो जाती है|

थयरॉइड को सही तरह से मैनेज करने के कुछ सुझाव –

  • अपने खाने में सही नुट्रिशन (nutrition) का प्रयोग करे संतुलित मात्रा में आयोडीन का प्रयोग करे,अपने बच्चो को अभी से प्रचुर मात्रा में आयोडीन दे|
  • विटामिन डी (Vitamin-D) का सेवन करे, या सुप्प्लिमेंट ले| जो लोग सुबह उगते हुए सूर्य कि रोशिनी प्रतिदिन लेते है उनका विटामिन-D अच्छा होता है|
  • पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन डाइट (protein Diet) अपने भोजन में ले|
  • थयरॉइड पेशेंट को जंक फ़ूड (Junk food) का सेवन नहीं करना चाहिए|
  • हरी सब्जिया व् फल खाये जिनसे आपको लोह तत्व (Iron) व् फाइबर (Fiber) मिलते है|
  • सबसे महत्वपूर्ण है जो भी व्यक्ति थयरॉइड की इस बीमारी से ग्रस्त है उन्हें अपनी जीवनशैली में व्यायाम की आदत को लाना अत्यधिक आवशयक है जिसमे योगा (Yoga) बहोत ही लाभदायक होता है.

अगले ब्लॉग में मैं इन्ही योग मुद्राओं के बारे में आपको जानकारी दूंगी| थयरॉइड के बारे में और जानकारी के लिए ये पुस्तक आप अमेज़न से आर्डर कर सकते है|

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Medical Medium Thyroid Healing: The Truth Behind Hashimoto’s Graves’, Insomnia, Hypothroidism, Thyroid Nodules & Epstein-barr

To know more watch this – https://www.youtube.com/watch?v=-bw15Ol1lLI

एक चुनाव तनावरहित जीवन जीने का

ध्यान (मैडिटेशन) और योग को अपने जीवनशैली में लाने से आप इस तनावपूर्ण जीवन को सुखमय रूप में जी सकते है!

बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी—, मतलब की जितना जानना चाहोगे उतना ही जान पाओगे और उतना ही आप समझ पाओगे ऐसी ही है ये ज़िंदगी, हर कोई इसको अपने हिसाब से जानता है और जीता है! और ये हमारे हाथ में है की हम इसको किस तरह जीना चाहते है और क्या नया हर रोज सीखते है!
जैसा की पिछले ब्लोग्स में मैंने बात की पॉजिटिव एंड नेगेटिव सोच के बारे अपने विचार प्रस्तुत किये साथ ही ये भी बताया की कैसे हम इनको थोड़ी सी चेतना (अवेयरनेस) के साथ अपने हिसाब से ढाल सकते है! अब ये सभी बाते मुझे अग्रसर करती है ध्यान यानि (मैडिटेशन) और योग की तरफ! क्या है ये ध्यान और योग? क्या सिर्फ सन्यासी या योगी बाबा ही करसकते है? आजकल योग (योगा) और मैडिटेशन (ध्यान) का प्रचलन क्यों है?

तो इन सभी के बारे में आज हम विचार साँझा करेंगे, उम्मीद करती हूँ की आपको ये पोस्ट सहायक हो!
तो मित्रो, पहले हम बुनियाद समझते है ध्यान के बारे में, अंग्रेजी में मैडिटेशन का अर्थ होता है माइंडफुल होना, यानि की अपने मन पे ध्यान देना या एकाग्र होकर मन के और अपने तन के प्रति चेतना में रहना! जब हम अपने मन पे अपना नियंत्रण करने लग जाते है तो धीरे धीरे हमारे मन व तन उसी साँचे में नए परिवर्तन को महसूस करता है, एक नए तरह की ऊर्जा व शक्ति का आभाष करता है! परन्तु यहाँ नियंत्रण का अर्थ ये नहीं की आप जबरदस्ती अपने मन को एकाग्र करने लगे और सोचे की ऐसा नहीं सोचना अथवा वैसा नहीं सोचना, बल्कि ध्यान एक ऐसी क्रिया है जो आपको आपके अंतर्मन से जोड़ती है! वैसे तो हमारी दुनिया में कई तरह के ध्यान (मैडिटेशन) की विधिया है, जिनके बारे में आपको बहुत सी किताबे मिल जाएगी, बहुत सी संस्थाए है जो इसका प्रशिक्छण देती है ! पर मेरे विचार से ध्यान बहुत ही साधारण प्रक्रिया है जो सही तरीके से अभ्यास किया जाए तो आसान होता है! और ध्यान और योग एक ही सिक्के के दो पहलु है! मै यहाँ कोई आपको तरीका नहीं बताउंगी की किस तरह से आप ध्यान करे, उनके लिए जैसे मैंने कहा की आपको ऑनलाइन इंटरनेट पे बहुत कुछ मिलेगा! मेरा मकसद आपको कोई नया तरीका या नयी प्रणाली देने का नहीं है बल्कि ये जानकारी आपके समक्ष लाने का है की यदि आप अपने जीवन जीने का आनंद सही तरीके से अनुभव करना चाहते है तो ध्यान (मैडिटेशन) और योग को अपने जीवनशैली में लाने से आप इस तनावपूर्ण जीवन को सुखमय रूप में जी सकते है!

ये रोज़मर्रा की परेशानियों से सक्षम रूप से निपटने का बहुत ही सफल प्रयोग है ! मैडिटेशन या योग करने से आप सन्यासी नहीं होते, बल्कि आप में जीवन की उन कठिनाईओ से जूझने का साहस और मनोबल का विकास होता है साथ ही आप अपने मन की शक्ति को इतना प्रबल व स्थिर कर लेते है की आपको ये कठनाईया एक तरह की चुनौती और रोमांचकारी अनुभव देती है! जैसे ही आप मैडिटेशन को अपने जीवन की आदत बना लेते है वैसे वैसे आप अनुभव करते जाते है की आपका स्वयं पे नियंत्रण है आप महसूस करेंगे अपने गुस्से में कमी, आप महसूस करेंगे छोटी छोटी बाते जो आपको पहले तनाव देती थी वो अब आप शांत मन से सुलझा लेते है, आप ये भी महसूस करेंगे की आपका मन हर स्थिती में शांत रहता है!
योगा आपकी शारीरिक शक्ति को, आपके शरीर के लचीलेपन को, व स्वासो की प्रकिया को संतुलित करता है वही मैडिटेशन (ध्यान) आपके मन को शशक्त करता है साथ ही मन को बुद्धि को व एकाग्रता को बढ़ाने में सहायता करता है! और भी बहुत से लाभ होते है जो आप योग व ध्यान करने से पा सकते है, पिछले एक दशक से योगा और मैडिटेशन ना केवल भारत में बल्कि अन्य देशो में जैसे यूनाइटेड स्टेट (अमरीका), ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम (लंदन) और भी बहोत सारे स्थानों पे प्रचलन में आ चूका है! क्योकि कई अनुसंधानों व अध्ययन के द्वारा इनके कई फायदे हमारे मस्तिष्क, शरीर एवं हमारे रिश्तो में भी देखे गए है!

जिनमे कुछ कारण योगा और मैडिटेशन के प्रचलन के ये भी है :-

  • ध्यान आपको किसी भी तरह के तनाव को व्यवस्थित करने में मदद करता है। ध्यानपूर्ण तरीके से किया गया स्वास का संचालन हमारे तनाव को तोड़ने व उससे लड़ने की छमता बढ़ता है! शोध में पाया गया है कि ध्यान, मस्तिष्क के “अमिग्डला” नामक क्षेत्र को “शांत” कर सकता है, जो तनाव कि प्रतिक्रिया करता है!
  • निरंतर मैडिटेशन अभ्यास से मानसिक फोकस बेहतर होता है। जैसे जैसे आप ये अभ्यास बार बार करते है और अपनी स्वासो को संतुलन करते है, वैसे ही आपके मस्तिष्क की माश्पेशिया आपको और ज्यादा ध्यान केंद्रित होकर बहु कार्य करने योग्य बनाती है!
  • ध्यान करुणा को बढ़ाता है — अपने प्रति और दूसरों की ओर; अध्ययनों से पता चलता है कि प्यार-दुलार की प्रथाओं से पीड़ितों के प्रति हमारी प्रतिक्रिया बदल सकती है, परोपकारी व्यवहार बढ़ सकता है। आप दूसरे लोगो के प्रति उदार रहते है जिससे की गुस्सा आना बहुत ही काम हो जाता है!

ध्यान और योग की जानकारी के लिए आप अमेज़न से इस किताब को भी आर्डर कर सकते है.

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बेहतरीन सोच,बेहतरीन भविष्य

नमस्कार दोस्तों, मेरा पिछले ब्लॉग (blog) “नकारात्मक सोच से सकारात्मक सोच तक का सफर” आपने पढ़ा होगा और मै उम्मीद करती हूँ कि आप सभी को पसंद आया हो! जैसा कि मैंने अपने पिछले ब्लॉग में आपको बताया था; कि किस तरह से हम सभी का दिमाग (मन) यूनिवर्स (ब्रह्माण्ड) से जुड़ा हुआ है, और किस तरह हम नकारात्मकता या सकारातमकता को अपनी जीवनशैली में अनुभव करते है!

तो अपने वायदे के मुताबिक मै आपसे फिर आज जुड़ी हूँ , और आज हम जानेंगे कि कैसे आप अपने भविष्य को और बेहतरीन कर सकते है !
तो दोस्तों, आज एक बात आपको अपने मस्तिष्क में नोट करने लेनी चाहिए या मै ये कहू कि आपको एक ताले कि चाबी दे रही हूँ जो आपको बड़े जतन से अपने पास गाँठ बाँध के रखनी है और वो ये है, कि
“आपका आज ही आपका आने वाला कल संवारता है “
हो सकता है आपमें से कुछ मित्र इस बात से अवगत हो, पर ये भी हो सकता है कि बहुत से ये जानने को उत्सुक हो कि ये कैसे संभव हो सकता है?

तो उसके लिए जैसे मैंने पहले भी बताया था, आपका यह जान लेना बहुत ही जरुरी है कि आपकी सोच ही आपका जीवन का निर्णय करती है, जिसे आप कर्म भी कह सकते है, या यु कह सकते है; ‘जो बीजोगे
वही काटोगे‘! अब यहाँ एक और बात भी आपको जान लेना आवशयक है कि भविष्य जैसी कोई चीज़ नहीं होती, ये मात्र एक मायारूप है! आपके पास हर दिन एक नया ‘आज‘ होता है, इन वर्त्तमान पल से ही आप भविष्य कि कल्पना करते है, जो कि कही भी इस समय मौजूद नहीं होता फिर भी आप उसके बारे में सोचते है, और इसी सोच के आधार पर आप खुद ही उसकी कल्पना करते है और उस कल्पना के मुताबिक उसकी तैयारियों में जुटे रहते है| जबकि हकीकत आपका ‘आज‘ है!

हम एक दम से ना बड़े होते है, ना हि हम एक दमसे ही महान नेता या अभिभावक या एक दम से ही सफल बनते! ये सभी होता है आपके के वर्तमान ‘आज‘ कि श्रंखला के पल पल जुड़ते रहने से! इसका बहुत ही साधारण सा उदहारण है – मान ले आपको अपना वजन कम करना है या फिर आपको सिक्स पैक वाली बॉडी बनानी है, क्या ये आज के आज मुमकिन है? नहीं ना, ठीक वैसे ही जो भी परिणाम हम हासिल करते है वो आज और हर दिन के फोकस (ध्यान देने) के परिणाम स्वरुप हमे मिलते है! तो इसका अर्थ है हमारा आज ही हमारे कल को निर्धारित करता है! इसी से ये भी आप कह सकते है कि आपकी सोच ही आपका भविष्य बनाती है, जिस तरह कि सोच का बीज आप अपने मस्तिष्क/ दिमाग में लाते है उसी तरह के परिणाम आप फसल के रूप में पाते है!

तो ये तो तय है कि आपकी नकारात्मक सोच आपका कल बनेगी, आपका आज इस वजह से ख़राब होता ही है, साथ ही आप अपना भविष्य भी इस नकारात्मक सोच को सोप देते है!

तो दोस्तों, आप अब तक ये तो समझ ही गए होंगे कि हमारी हर सोच या विचार का हमारे जीवन पे क्या प्रभाव होता है!

अब सवाल आता है कि हम इस तरह कि सोच और इस तरह के विचारो को अपने मस्तिष्क में आने से कैसे रोक सकते है?

उसका समाधान भी हमारे ही पास है! ज़िन्दगी मे और अपने काम में सफलता पाने के एक मात्र कुंजी है और वो है आत्म चेतन (सेल्फ अवेयरनेस) और आत्मसंयम (सेल्फ मास्टरी) साधारण शब्दों में यू समझ सकते है कि- आपको अपने हर आने वाले विचार के बारे में पहले से अधिक अवगत रहना है और सवयं ही उसका नियंतरण करना है| एक परीक्षा निरीक्षक कि तरह सचेत रहकर, गलत विचारो को आने से रोकना है!
बिना सचेतना और बिना सवयं नियंतरण के आप अपना आज उसी तरह जियेंगे जिस तरह आपके आपका कल था. आपकी सोच आपका कर्म बनती है जो आपका बर्ताव/आदत बनाती है इन्ही तीनो से आप अपना परिणाम भुगते है|

जो कुछ विचार हमारे दिमाग में चलते है वही हमारा फल सवरूप बनते है! हामरे विचारो कि जड़े हमारी धारणाओं,अनिभूति, रवैये, इछाओ और हमारे आसपास के सामाजिक पारिवारिक वातावरण से भी उत्पन्न होती है! जिस दिन से हम अपने विचारो के पीछे छिपी धारणाओं और अपने रवैयों को सही तरीके से जांचना शुरू कर देंगे और उसके प्रति सजग होंगे तभी हम सही मायने में परिवर्तन ला सकते है ! कुछ भी अच्छा करने के लिए हम तभी खुद को प्रेरित कर सकते है जब हमारे मन कि मनोदशा व् हमारे दृश्टिकोण अच्छे स्वरुप में हो ! एक अच्छी मनोदशा से अच्छी सेहत मिलती है, अच्छी सेहत से अच्छी ऊर्जा जो हमे सफलता पाने के लिए जरुरी होती है और इन सबके फलस्वरूप अच्छा जीवन एवं धन समृद्धि आदि हमारे ऊर्जा से हमे प्राप्त होते है!
तो दोस्तों आज ही निश्चय करे कि आप अपनी सोच को स्वयं निर्धारित करेंगे! और इन सब में आपको मैडिटेशन/ध्यान बहुत सहायक होता है!

On Meditation (Hindi): Kaise Karein Dhyaan?: Param Sukh aur Antrik Shakti ki Praapti

नकारात्मक सोच से सकारात्मक सोच तक का सफर

हेलो फ्रेंडस ,
आपका आज का दिन अब तक कैसा बीता?
मैं उम्मीद करती हूँ अच्छा व्यतीत हुआ होगा. आप में से 7०% लोग कहेंगे की अच्छा नहीं बीता.
पर क्या आप जानते है? आप का दिन कैसा व्यतीत हो ये आपके ऊपर भी उतना ही निर्भरत करता है जितना की हमारे आसपास के माहौल या वातावरण से हमे प्रभावित लगता है. अक्सर देखा गया है, या ये कहु की मैंने भी कई बार इस तरह से महसूस किया है की हमारे अच्छे दिन कम होते है और परेशानियों से या तनाव से ग्रस्त दिन जयादा होते है. आप ने भी ये महसूस किया होगा !

पर क्या हम इसका उल्टा अपनी ज़िंदगी को कर सकते है? क्या हम अधिक से अधिक खुशियों वाला जीवन जी सकते है?
तो मेरा जवाब होगा, जी हाँ बिलकुल जी सकते है. तो अब सवाल आता है ये कैसे मुमकिन है?
इसके लिए, मै आपके समक्ष कुछ ऐसी जानकारियाँ, आपको स्मरण करना चाहती हूँ जो कि आप में से अधिकतर लोगो को ज्ञात तो है, पर शायद उसका उपयोग आप सही तरह से नहीं कर पा रहे है सफल जीवन जीने में!

आप सभी ये तो मानते ही होंगे कि कोई ना कोई शक्ति या ऊर्जा या कहे ईश्वर या खुदा है जिसकी वजह से ही हम इंसान और ये सृष्टि चलन हो रहा है.
आगे बढ़ने से पहले मै अपना एक सवाल रखना चाहती हूँ जिसका जवाब आपको स्वयं को ही देना है.
यदि आप माँ बाप है तो क्या आप अपने बच्चे का बुरा सोचेंगे कभी?
नहीं ना
उसी तरह, आपको सबसे पहले ये मानना होगा कि जो सर्वश्रेष्ठ शक्ति इस सृष्टि को चला रही है, आप उसी शक्ति का अंश है. आप में वो सभी क्षमता है जो कि उस शक्ति से आपको मिली है, बिलकुल उसी तरह जिस तरह आपको अपने माता पिता के गुण मिले है. ये ब्रह्माण्ड (यूनिवर्स) आपसे जुड़ा हुआ है और आप इस यूनिवर्स से जुड़े हुए है. और वो परम शक्ति आपको हर खुशी देना चाहती है वो आपका बुरा नहीं चाहती जिस तरह माता पिता अपनी बच्चो को हर खुशी देना चाहते है.

आपमें इतनी शक्ति है कि आप जो इच्छा करे वो पा सकते है, आप अपने इस पावर (शक्ति) से कुछ भी प्राप्त कर सकते है; जैसे कि बड़ा घर,गाड़ी, सेहत, कारोबार, धन और हर तरह कि खुशियाँ.
परन्तु इन सब को पाने के लिए आपको जानना होगा कि कैसे और आपको इन सब इच्छाओं कि पूरा करने के लिए कुछ बदलाव अपनी जीवन शैली में लाने होंगे.

मैं ये जानती हूँ, इतना आसान शायद आपको अभी लगे नहीं, पर यदि आप निरंतर प्र्यतन करे तो आप ना केवल अपनी जिंदगी को खुशहाल बना सकते है; बल्कि हर आने वाली नकारात्मक सोच को सकारातमक सोच में तब्दील कर सकते है. आपका अगला दिन कैसा हो, ये भी खुद ही सुनिश्चित कर सकते है.

इन सभी बातो का तथ्य विज्ञान के आधार पर और अदृश्य शक्ति के आधार पर भी देखा जा सकता है.
मनुस्य का अस्तित्व उसके दिमाग (ब्रेन) कि वजह से है, जबतक हमारे दिमाग कि हर इंद्री अपना काम सही ढंग से कर रही है तभी तक हम अपना जीवन जी रहे है. यह मान लेना कि दिल कि धड़कन बंद हो जाने से इंसान कि मौत होती है किसी हद्द तक सही है, मगर तर्कविशलेषण किया जाए तो ये प्रक्रिया दिमाग के सिग्नल (सन्देश) बंद हो जाने कि वजह से होती है.

इसका सीधा अर्थ निकलता है कि आपकी सारी शक्ति का केंद्र आपका सुक्षम सा दिखने वाला दिमाग है. यही दिमाग एक एंटीने कि भाँती यूनिवर्स तक आपके हर सन्देश हर तरह कि सोच को पोहचाता है. फिर चाहे वो नकारात्मक हो या फिर सकारात्मक. हम जो भी सोचते है वो होता है. अगर आप चिंता या तनाव वाली सोच सोचते है तो आप उसी तरह कि नकारात्मक चीज़ो को अपनी ओर आने कि ऊर्जा से आकर्षित करते है, तो ये बहुत ही महत्वपूर्ण है कि आप किस तरह कि सोच अधिकतर अपने दिमाग में पनपने देते है. वैज्ञानिक आधार से आपके दिमाग में सबकॉन्सियस माइंड (अचेतन मन) ओर कौन्सियस माइंड (चेतन मन) होते है.
जो आप अचेतन मन से लगातार सोचते है, वही आप अपने चेतन मन से पा सकते है. जिस तरह यह सिद्ध हुआ है कि २१ दिन लगातार एक ही चीज़ पे फोकस करने से वो हमे याद हो जाती है, या कहे कि २१ दिन में आदते बदल जाती है, उसी तरह जो हम लगातार विचार करते है वो विचार हमारे वर्त्तमान और भविस्य पर बहुत ही प्रभावपूर्ण होते है.

आपकी सोच आपके जीवन को बनाती है, तो अपने हर आने वाले ख्याल और सोच को सकारात्मक दृश्टिकोण के साचे में ढांलना शुरू करे.
अपने आगे आने वाले (Blogs)ब्लोग्स में, मै आपको टिप्स और सुझाव दूँगी आप ये जादू अपने जीवन में कैसे प्रयोग कर सकते है. तो जुड़े रहिये अपने जिंदगी को कैसे बदले ये जानलेने के लिए.
यदि आप उत्सुक है और यदि आपको पड़ना अच्छा लगता है, तो इन सब से जुडी हुई एक किताब पड़ने का सुझाव दूंगी जिसके लिंक मैंने यहाँ दिए है, आप चाहे तो इसे आर्डर कर सकते है अमेज़न (Amazon) से.

“Space” – A Space of being Yourself in yourself

Hey guys, This is my first write -up, Which I want to share with you and hope you might like it. This post is all about the random thoughts of mind which are at present going through in my mind.

“Sitting at one place and observing things & people around, is something always been pleasant experience for me.” The reason for this, may be, It gives me distraction for a while from other thoughts which leads me no where but it only gives feeling of Load and suffering.

Though I always enjoy the “Silence” in which I am right now. This silence becomes far better than those hundred thoughts which bother you unnecessary, and those thoughts have nothing to do with your life. Just it creates a negative aura around you.

I know, How I feel happy even when, no one is by my-side. Somewhere, something is there inside me too. because of that most of the time I wish to feel life alone, from my eyes from my prospective and from my views. I hope some of you also feels the same way.

Perhaps, It is known as word called “Space” – A Space of being Yourself in yourself and for yourself.

Hmm, So while writing your own thinking or giving words to your unknowing thoughts, you Should get the place & environment, Where you can have feel good factor. Trust me, you really enjoy that moment of being with yourself.

Like I am feeling at this moment, The open corridor of #Dwarka, Roaming Buddies around, Teenage girls clicking selfie, Some sweet teen couples and the best thing is soothing music in back ground, with hot coffee or tea it would be the great combination.

Among all those things, my eye got stuck to see Three Buddies, two girls and a boy enjoying the birthday celebration of their friend, I can see the power of girls Lol, they have done good makeover of their friend with whole cake. This moment has splashed smile, laughter & smile on their faces. it reminded me my childhood. They all are so happy with each other. And within 15-20 mins this moment of cherish, Laughter & smile has become a moment of ‘Nostalgic’.

That’s how life is, passing on time to time. Chain of moments, Like everyone is tiding a string of pearls. It is a Necklace of Time threaded together Which makes Beautiful life. Life of Sounds, Life of beautiful views, life of Nature, life of everything from the earth to the sky.

This creation is Magical and Wonderful however this is how we come to know sometime Yes, the creation of Almighty is Amazingly wonderful. At a glance of observing my own thoughts and putting those on the blog post. I’ve realized it again with this small event of teenager that How beautiful is life, you can find your own smile when you see other people smiling.

I am thankful for this blog writing, it kept me away from thinking of unwanted thoughts for a while and made me feel. “Life is Wonderful and I am blessed.” This moment is special which is going to become “it Was”. I am happy that I somehow captured it in my own way. So make your every moment lovable, enjoy the little things, Love yourself. “

Arti – a_brightensoul

“Space” – A Space of being Yourself in yourself

Hey guys, This is my first write -up, Which I want to share with you and hope you might like it. This post is all about the random thoughts of mind which are at present going through in my mind.

“Sitting at one place and observing things & people around, is something always been pleasant experience for me.” The reason for this, may be, It gives me distraction for a while from other thoughts which leads me no where but it only gives feeling of Load and suffering.

Though I always enjoy the “Silence” in which I am right now. This silence becomes far better than those hundred thoughts which bother you unnecessary, and those thoughts have nothing to do with your life. Just it creates a negative aura around you.

I know, How I feel happy even when, no one is by my-side. Somewhere, something is there inside me too. because of that most of the time I wish to feel life alone, from my eyes from my prospective and from my views. I hope some of you also feels the same way.

Perhaps, It is known as word called “Space” – A Space of being Yourself in yourself and for yourself.

Hmm, So while writing your own thinking or giving words to your unknowing thoughts, you Should get the place & environment, Where you can have feel good factor. Trust me, you really enjoy that moment of being with yourself.

Like I am feeling at this moment, The open corridor of #Dwarka, Roaming Buddies around, Teenage girls clicking selfie, Some sweet teen couples and the best thing is soothing music in back ground, with hot coffee or tea it would be the great combination.

Among all those things, my eye got stuck to see Three Buddies, two girls and a boy enjoying the birthday celebration of their friend, I can see the power of girls Lol, they have done good makeover of their friend with whole cake. This moment has splashed smile, laughter & smile on their faces. it reminded me my childhood. They all are so happy with each other. And within 15-20 mins this moment of cherish, Laughter & smile has become a moment of ‘Nostalgic’.

That’s how life is, passing on time to time. Chain of moments, Like everyone is tiding a string of pearls. It is a Necklace of Time threaded together Which makes Beautiful life. Life of Sounds, Life of beautiful views, life of Nature, life of everything from the earth to the sky.

This creation is Magical and Wonderful however this is how we come to know sometime Yes, the creation of Almighty is Amazingly wonderful. At a glance of observing my own thoughts and putting those on the blog post. I’ve realized it again with this small event of teenager that How beautiful is life, you can find your own smile when you see other people smiling.

I am thankful for this blog writing, it kept me away from thinking of unwanted thoughts for a while and made me feel. “Life is Wonderful and I am blessed.” This moment is special which is going to become “it Was”. I am happy that I somehow captured it in my own way. So make your every moment lovable, enjoy the little things, Love yourself. “

Arti – a_brightensoul

#Love #GiveTimeToYourself #HashtagDwarka #Life #Loveyourself #Thought #Selflove